Hapur News: हापुड़ में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत, 692 बूथों पर बच्चों को पिलाई गई पोलियोरोधी खुराक

Hapur News: हापुड़ में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत, 692 बूथों पर बच्चों को पिलाई गई पोलियोरोधी खुराक

Hapur News: पोलियो जैसी गंभीर और दिव्यांगता पैदा करने वाली बीमारी के उन्मूलन के उद्देश्य से जनपद हापुड़ में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में पूरे जिले के 692 पोलियो बूथों पर विशेष अभियान चलाकर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा की खुराक पिलाई गई।

जिलाधिकारी कविता मीना के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोर कुमार आहूजा के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें सुबह से ही निर्धारित बूथों पर सक्रिय रहीं। बूथों पर बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और उन्हें पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंदें पिलाई गईं।

2.74 लाख बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि इस बार जनपद में कुल 2,74,600 बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई दिनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। बूथों की स्थापना के साथ-साथ चिकित्सा कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कर्मचारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं ताकि अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि भारत में पोलियो लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि एक भी बच्चा दवा लेने से वंचित रह जाता है, तो भविष्य में यह खतरे का कारण बन सकता है।

सोमवार से 530 टीमें करेंगी घर-घर सर्वे

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. योगेश गुप्ता ने बताया कि बूथ दिवस के बाद सोमवार से 530 पोलियो टीमें जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। इस दौरान उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी, जो किसी कारणवश बूथों तक नहीं पहुंच सके।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल बूथों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जनपद का कोई भी पात्र बच्चा पोलियोरोधी दवा से वंचित न रहे। इसके लिए सभी क्षेत्रों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।

अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग की व्यापक तैयारियां

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार किया था। सभी बूथों पर पर्याप्त मात्रा में पोलियो वैक्सीन उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही कोल्ड चेन व्यवस्था, परिवहन, निगरानी और रिपोर्टिंग प्रणाली को भी मजबूत किया गया, ताकि अभियान के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

अभियान में चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कर्मियों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर बच्चों का सत्यापन करें और यदि कोई बच्चा छूट गया हो तो उसे पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं।

पोलियो मुक्त भारत को बनाए रखने की अपील

जिलाधिकारी कविता मीना और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। उन्होंने कहा कि पोलियो की दो बूंदें बच्चों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी हैं और इस अभियान को सफल बनाने में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने वर्षों की मेहनत, जागरूकता और लगातार चलाए गए टीकाकरण अभियानों के बल पर पोलियो के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। अब इस उपलब्धि को कायम रखना समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।

CATEGORIES
TAGS

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )