
Rajya Sabha News: राज्यसभा में बहुमत के करीब पहुंची बीजेपी, 40 साल बाद बन रहा ऐतिहासिक संयोग; अब मॉनसून सत्र पर टिकी नजर
Rajya Sabha News: राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ताकत जल्द ही और बढ़ने वाली है। पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव के बाद पार्टी की संख्या में इजाफा लगभग तय माना जा रहा है। इन तीनों सीटों के लिए 24 जुलाई को मतदान होना है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण इन सीटों पर उसकी जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
ये तीनों सीटें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उन पूर्व सांसदों के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं, जिन्होंने बाद में बीजेपी का दामन थाम लिया। यदि बीजेपी इन तीनों सीटों पर जीत दर्ज करती है, तो राज्यसभा में साधारण बहुमत के लिए आवश्यक आंकड़े से वह केवल 6 सीट दूर रह जाएगी।
1986 के बाद पहली बार ऐसा अवसर
राज्यसभा में किसी एक राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत मिले करीब चार दशक बीत चुके हैं। आखिरी बार 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के पास राज्यसभा में आवश्यक संख्या बल था। अब लगभग 40 साल बाद ऐसा संयोग बनता दिखाई दे रहा है कि बीजेपी साधारण बहुमत के बेहद करीब पहुंच रही है।
हालांकि पार्टी के पास अभी भी अपने दम पर बहुमत नहीं होगा, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास कुल 152 सीटें होने के कारण उच्च सदन में उसकी स्थिति पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत मानी जा रही है।
मॉनसून सत्र से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
राज्यसभा में बदलते संख्या बल के बीच अब सभी की नजर संसद के आगामी मॉनसून सत्र पर है। टीएमसी और उद्धव ठाकरे की पार्टी में हुई टूट के बाद संसद में एनडीए की स्थिति और मजबूत हुई है। इसी बीच राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि सरकार आने वाले समय में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संवैधानिक विधेयक पेश कर सकती है।
परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इन प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों के लिए संसद में विशेष बहुमत की आवश्यकता होगी। संविधान संशोधन पारित करने के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों में कम से कम दो-तिहाई समर्थन जरूरी होता है। यदि राज्यसभा के सभी प्रभावी सदस्य मतदान करते हैं, तो यह आंकड़ा 166 सदस्यों का बनता है।
दो-तिहाई बहुमत से अभी भी पीछे है एनडीए
हालांकि एनडीए अभी भी राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से पीछे है, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि कुछ क्षेत्रीय दलों के समर्थन अथवा मतदान से दूरी बनाए रखने की स्थिति में सरकार आवश्यक संख्या तक पहुंच सकती है।
चर्चाओं के अनुसार, DMK के 8 सांसद या तो प्रस्तावित कानून का समर्थन कर सकते हैं या फिर मतदान से दूर रह सकते हैं। वहीं YSR कांग्रेस पार्टी के 4 सांसदों से सरकार को समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसमें संभावित परिसीमन विधेयक भी शामिल है।
इसके अलावा बीजू जनता दल (BJD) के 5 सांसद महिलाओं के लिए आरक्षण की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए विधेयक का समर्थन कर सकते हैं या मतदान से दूरी बना सकते हैं। वहीं NCP (SP) के एक सांसद के भी कानून के समर्थन की संभावना जताई जा रही है।
इसी क्रम में निर्दलीय सांसद परिमल नाथवानी के भी एनडीए का समर्थन करने की संभावना व्यक्त की जा रही है। झारखंड में उन्हें बीजेपी के समर्थन से जीत मिली थी, जिसके चलते उनके रुख पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।

