
Delhi News: AI अपनाने में कंपनियों की मदद के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने बनाई नई कंपनी, 2.5 अरब डॉलर का किया निवेश
Delhi News: टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए ‘माइक्रोसॉफ्ट फ्रंटियर कंपनी’ (Microsoft Frontier Company) नाम से एक नई इकाई शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य कंपनियों को उनकी व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप AI तकनीकों का चयन करने, उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने और निवेश पर बेहतर रिटर्न (ROI) प्राप्त करने में सहायता देना है।
कंपनी ने इस नई इकाई के लिए 2.5 अरब डॉलर (करीब 21,000 करोड़ रुपये) का शुरुआती निवेश किया है। इसके शुरुआती ग्राहकों में यूनिलीवर (Unilever) और नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) जैसी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं।
कंपनियों की जरूरत के मुताबिक मिलेगा AI समाधान
माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, बड़ी कंपनियां अब केवल एक AI प्रदाता पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग AI तकनीकों का संयोजन अपनाना चाहती हैं। इनमें OpenAI, Anthropic, ओपन-सोर्स मॉडल और अन्य AI प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
हालांकि, विभिन्न AI मॉडलों को एक साथ जोड़कर समाधान तैयार करने में अधिक समय और लागत लगती है। माइक्रोसॉफ्ट की नई इकाई का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को सरल और अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि कंपनियां अपनी जरूरत के अनुरूप AI समाधान आसानी से विकसित कर सकें।
ग्राहकों के डेटा पर रहेगा उनका पूरा स्वामित्व
माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया है कि Microsoft Frontier Company ग्राहकों को माइक्रोसॉफ्ट और अन्य कंपनियों के AI मॉडलों का चयन करने, उन्हें एकीकृत करने तथा उनके आंतरिक डेटा के साथ जोड़ने में सहायता करेगी।
कंपनी ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान तैयार होने वाले समाधान और उनसे जुड़ा डेटा पूरी तरह ग्राहकों के स्वामित्व में रहेगा। यह डेटा वापस माइक्रोसॉफ्ट के पास नहीं भेजा जाएगा, जिससे कंपनियां अपने संवेदनशील व्यावसायिक डेटा पर पूरा नियंत्रण बनाए रख सकेंगी।
AI बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच नई पहल
माइक्रोसॉफ्ट की यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब Palantir Technologies और Amazon Web Services (AWS) जैसी कंपनियां भी बड़े कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए AI आधारित समाधान उपलब्ध करा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई बड़ी कंपनियां इस बात को लेकर सतर्क हैं कि यदि वे केवल OpenAI या Anthropic जैसे किसी एक AI मॉडल पर निर्भर रहेंगी, तो भविष्य में वही कंपनियां कोडिंग, कानूनी सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में उनके लिए प्रतिस्पर्धी बन सकती हैं। ऐसे में विभिन्न AI मॉडलों का विकल्प उपलब्ध होना कंपनियों के लिए अधिक सुरक्षित और व्यावहारिक माना जा रहा है।
Copilot के अनुभव से मिली नई रणनीति
माइक्रोसॉफ्ट के कमर्शियल बिजनेस के CEO जडसन ऑल्थॉफ ने बताया कि Microsoft Frontier Company की अवधारणा कंपनी के अपने अनुभव से विकसित हुई है।
उन्होंने स्वीकार किया कि तीन वर्ष पहले Copilot विकसित करते समय माइक्रोसॉफ्ट ने उसे केवल OpenAI के मॉडलों तक सीमित रखकर गलती की थी। बाद के वर्षों में DeepSeek, Google Gemini और अन्य AI मॉडल तेजी से उभरकर सामने आए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि ग्राहकों को किसी एक AI मॉडल तक सीमित रखने के बजाय उनकी जरूरत के अनुसार विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराना अधिक लाभदायक होगा।
ऑल्थॉफ के अनुसार, ग्राहकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण उनके डेटा और उपयुक्त AI मॉडल का सही संयोजन है। इसलिए उन्हें आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग AI मॉडलों के बीच आसानी से बदलाव करने की सुविधा मिलनी चाहिए।

