
Ayodhya News: टिन्नू यादव से बातचीत के आरोपों पर अखिलेश यादव का पलटवार, बोले- ‘चोर को सब चोर नजर आते हैं’
Ayodhya News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं और “चोर को सब चोर नजर आते हैं।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “पूरी सरकार ही वनस्पति के नशे में है।”
डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने राम मंदिर प्रशासन और प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि अयोध्या के पावन राम मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ जिस प्रकार का गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है, उससे देश का हर नागरिक परिचित हो चुका है।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार के भीतर सत्ता को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मंदिर के विशाल खजाने को देखकर सत्ताधारी दल के लोग पूरी तरह अंधे हो गए हैं। उनके अनुसार, खजाने की चमक ने उनकी सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर दिया है और वे पूरी तरह बौरा गए हैं।
बीजेपी का फोन कॉल को लेकर बड़ा दावा
इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने दावा किया कि राम जन्मभूमि मंदिर के कथित गबन मामले के मुख्य आरोपी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के बीच एक नहीं बल्कि कई बार फोन पर बातचीत हुई थी।
अजय आलोक ने कहा कि जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इस मामले में कई और बड़े खुलासे सामने आएंगे। उनका दावा है कि जांच के दौरान पूरे कथित सिंडिकेट की वास्तविक तस्वीर भी सामने आ जाएगी।
विपक्षी नेताओं की जांच की उठी मांग
मामले के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने भी विपक्षी नेताओं की भूमिका की जांच की मांग तेज कर दी है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने जांच एजेंसी को एक आधिकारिक पत्र भेजकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह के बयानों की जांच कराने की मांग की है।
वीएचपी का कहना है कि इन नेताओं ने राम मंदिर के चंदे में हजारों करोड़ रुपये के घपले के आरोप लगाए हैं। संगठन ने मांग की है कि जांच एजेंसी इन नेताओं से पूछताछ कर यह स्पष्ट करे कि उनके दावों का आधार, स्रोत और उपलब्ध साक्ष्य क्या हैं।

