
ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब टीएमसी के संसदीय दल में संभावित टूट और आंतरिक असंतोष को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
एक सप्ताह में दूसरे राज्यसभा सांसद का इस्तीफा
सुष्मिता देव का इस्तीफा टीएमसी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे भी उच्च सदन की सदस्यता तथा पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। एक सप्ताह के भीतर दो राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे ने पार्टी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, लगातार हो रहे इन इस्तीफों ने टीएमसी के भीतर चल रही गतिविधियों और संभावित असंतोष को लेकर अटकलों को और बल दिया है।
कांग्रेस छोड़कर 2021 में टीएमसी में हुई थीं शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुष्मिता देव ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सुष्मिता देव वर्ष 2021 में कांग्रेस पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थीं। कांग्रेस में रहते हुए उन्हें राहुल गांधी और सोनिया गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता था।
सुष्मिता देव लंबे समय तक कांग्रेस की सक्रिय नेता रहीं और पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक दायित्वों का निर्वहन करती रही थीं। उनके टीएमसी में शामिल होने को उस समय कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना गया था।
तीन दशक तक कांग्रेस से जुड़ा रहा राजनीतिक सफर
सुष्मिता देव दिवंगत कांग्रेस नेता संतोष मोहन देव की पुत्री हैं। उनका राजनीतिक जीवन मुख्य रूप से कांग्रेस के साथ जुड़ा रहा और वह लगभग तीन दशकों तक पार्टी का हिस्सा रहीं। वर्ष 2021 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
अब उनके इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं, टीएमसी के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

