Lucknow News: लखनऊ पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, सिपाही ने IPS अधिकारियों पर लगाए वसूली के गंभीर आरोप

Lucknow News: लखनऊ पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, सिपाही ने IPS अधिकारियों पर लगाए वसूली के गंभीर आरोप

Lucknow News:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस विभाग के भीतर से सामने आए एक वीडियो ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर अवैध वसूली कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सिपाही का दावा है कि पुलिस लाइंस में ड्यूटी लगाने के नाम पर जवानों से हर महीने तय रकम वसूली जाती है। मामले के सामने आते ही पुलिस कमिश्नरेट हरकत में आ गया और जांच के आदेश जारी कर दिए गए।

पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश

वीडियो वायरल होने के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने मामले का संज्ञान लेते हुए एडीसीपी लाइंस को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट और उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या विभाग के भीतर वास्तव में किसी प्रकार का संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

सिपाही ने वीडियो में बताया कथित वसूली का तरीका

वर्ष 2015 बैच के सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने वर्दी में जारी अपने वीडियो में कथित वसूली तंत्र का विस्तार से जिक्र किया है। सुनील के अनुसार आईपीएस अधिकारियों के संरक्षण में आरआई और गणना प्रभारी के माध्यम से नीचे से ऊपर तक पूरा सिंडिकेट संचालित किया जा रहा है।

सिपाही का आरोप है कि पुलिस लाइंस में तैनात प्रत्येक जवान से ड्यूटी लगाने के नाम पर लगभग दो हजार रुपये प्रति माह वसूले जाते हैं। उसने दावा किया कि यह रकम गार्द कमांडर के जरिए आरआई और फिर उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाती है। वीडियो में सुनील कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग भी की है।

हर महीने लाखों रुपये की उगाही का दावा

सुनील कुमार शुक्ला ने अपने आरोपों के समर्थन में पुलिस लाइन का पूरा गणित भी बताया। उसके मुताबिक, पुलिस लाइन में तैनात सैकड़ों जवानों से होने वाली यह वसूली हर महीने लाखों रुपये तक पहुंचती है। वीडियो में उसने दावा किया कि यह रकम करीब आठ लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंचती है।

विभाग ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर पुलिस विभाग के अधिकारियों ने सिपाही द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। आरआई प्रथम ब्रजेंद्र सिंह का कहना है कि वीडियो में लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन हैं।

विभाग के अनुसार, सुनील कुमार शुक्ला फिलहाल अपने घर के निर्माण कार्य के लिए 20 दिनों की छुट्टी पर है और उसकी कुछ पारिवारिक समस्याएं भी चल रही हैं। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि छुट्टी पर जाने के तुरंत बाद इस तरह का वीडियो वायरल करने के पीछे सिपाही की मंशा क्या थी।

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