NEET पेपर लीक मामला: NTA को हटाने की मांग पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, परीक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है बड़ा असर

NEET पेपर लीक मामला: NTA को हटाने की मांग पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, परीक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है बड़ा असर

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। अदालत ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त करने या उसके पुनर्गठन की मांग वाली याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। यह याचिका फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) की ओर से दायर की गई है।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि NTA देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित करने में असफल रही है। इसी आधार पर परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की मांग की गई है।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी

मामले की पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एजेंसी ने पिछले वर्ष हुए पेपर लीक विवाद से कोई सबक नहीं लिया।

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार, NTA और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जवाब मांगा था। कोर्ट ने यह भी पूछा था कि क्या NTA ने वर्ष 2024 में दिए गए सुरक्षा और पारदर्शिता संबंधी निर्देशों का पालन किया है या नहीं।

अदालत ने NTA को 28 मई तक अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। साथ ही निगरानी समिति के अध्यक्ष को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि कोर्ट के सभी निर्देशों का पालन किया जाए।

याचिका में उठाई गई प्रमुख मांगें

FAIMA और UDF द्वारा दायर याचिका में केवल NTA को हटाने की मांग ही नहीं की गई है, बल्कि NEET जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षाओं को अदालत की निगरानी में आयोजित कराने की भी मांग की गई है।

इसके अलावा कथित डेटा लीक और पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच कराने की मांग भी रखी गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और गड़बड़ियों के कारण छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर होता जा रहा है।

री-एग्जाम की सुरक्षा के लिए एयरफोर्स की ली जाएगी मदद

पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार 21 जून 2026 को प्रस्तावित NEET री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुटी है। इसी सिलसिले में हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी।

बैठक में निर्णय लिया गया कि परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की सहायता ली जाएगी। इस संबंध में जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दी।

22 लाख से अधिक छात्रों ने कराया था पंजीकरण

NEET UG 2026 परीक्षा का आयोजन 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर किया गया था। परीक्षा के लिए 22 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था।

हालांकि परीक्षा के बाद पेपर लीक के गंभीर आरोप सामने आए, जिसके चलते यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया। बढ़ते विवाद और जांच के बीच NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की।

अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की आज होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, क्योंकि इस मामले में आने वाला फैसला देश की परीक्षा व्यवस्था और NEET जैसे बड़े प्रवेश परीक्षाओं के संचालन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

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