
Bihar News: पटना छात्र आंदोलन में 6 साल का आदित्य बना चर्चा का केंद्र, संविधान की किताब लेकर पहुंचा प्रदर्शन में
Bihar News: पटना में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच 6 साल का एक बच्चा इन दिनों चर्चा में है। पहली कक्षा में पढ़ने वाला आदित्य कुमार आंदोलनकारी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा नजर आया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उसे सड़क से उठाकर थाने ले गई, जहां उसे करीब 5 घंटे तक बैठाकर रखा गया।
गर्दनीबाग धरना स्थल से लेकर सड़कों तक दिखा आदित्य
आदित्य सबसे पहले पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर पहुंचने के बाद चर्चा में आया। वहां उसने खुले तौर पर सीएम सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद 25 अगस्त को जब छात्रों ने सीएम आवास का घेराव किया, तब भी आदित्य उनके साथ सड़क पर मौजूद था।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस उसे थाने ले गई। आदित्य के मुताबिक, उसे दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक थाने में बैठाकर रखा गया।
मजदूरी करने वाले पिता और घरेलू काम करने वाली मां का बेटा
आदित्य पटना के पुनाईचक इलाके में किराए के मकान में रहता है। उसका परिवार सामान्य आर्थिक स्थिति में जीवन यापन करता है। उसके पिता मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाते हैं, जबकि उसकी मां दूसरे लोगों के घरों में झाड़ू-पोंछा करने का काम करती हैं।
स्कूल बैग में संविधान की किताब लेकर चलता है आदित्य
आदित्य की उम्र भले ही महज 6 साल है, लेकिन उसकी रुचियां और राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर उसकी समझ उसे अलग बनाती है। वह अपने स्कूल बैग में भारतीय संविधान की किताब लेकर चलता है।
आदित्य ने बताया कि वह संविधान के 80 पेज पढ़ चुका है और आगे भी इसे पढ़ रहा है। इसके अलावा उसे देश-दुनिया की खबरों में भी काफी दिलचस्पी है और वह समाचारों से अपडेट रहता है।
थाने में डराने-धमकाने का लगाया आरोप
आदित्य ने आरोप लगाया कि पुलिस उसे थाने ले गई और वहां डराया-धमकाया गया। उसका कहना है कि पुलिस ने उसके माता-पिता के साथ मारपीट भी की। आदित्य के मुताबिक, उस पर दोबारा आंदोलन में नहीं जाने का दबाव बनाया गया।
छोटी उम्र में आंदोलन में शामिल होने की वजह भी बताई
जब आदित्य से पूछा गया कि वह इतनी कम उम्र में छात्र आंदोलन में क्यों शामिल हो रहा है, तो उसने परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।
आदित्य ने कहा, “सरकार जिस तरह परीक्षा ले रही है, उससे बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं. अगर आज यह व्यवस्था नहीं सुधरी, तो भविष्य में जब मैं प्रतियोगी परीक्षा दूंगा, तब भी पेपर लीक हो सकता है.”
माता-पिता बोले- आंदोलन में जाने का फैसला आदित्य का अपना
आदित्य के माता-पिता का कहना है कि आंदोलन में जाने का फैसला पूरी तरह उसका अपना था। उनके अनुसार, आदित्य खबरों पर नजर रखता है और देश में चल रही घटनाओं के बारे में जानकारी हासिल करने में उसकी काफी रुचि है।
इस तरह पटना के छात्र आंदोलन के बीच पहली कक्षा में पढ़ने वाला 6 साल का आदित्य कुमार अपनी उम्र से अलग सोच और संविधान में रुचि को लेकर चर्चा में आ गया है।

