Chandauli News: गन हाउस पर सख्त कार्रवाई- अवैध कारतूस बिक्री का खुलासा, 128 लाइसेंस रद्द होने की तैयारी

Chandauli News: गन हाउस पर सख्त कार्रवाई- अवैध कारतूस बिक्री का खुलासा, 128 लाइसेंस रद्द होने की तैयारी

Chandauli News: वाराणसी परिक्षेत्र के अंतर्गत चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जिलों में शस्त्र दुकानों की व्यापक जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। डीआईजी वैभव कृष्ण के निर्देश पर गठित 17 टीमों ने विभिन्न जिलों में संचालित गन हाउस का सत्यापन किया, जिसमें नियमों की खुलेआम अनदेखी पाई गई। जांच के बाद पुलिस और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई लाइसेंस धारकों और गन हाउस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

रिकॉर्ड खंगालने पर उजागर हुई गड़बड़ी

जांच के दौरान वर्ष 2024 से 20 जनवरी 2026 तक बेचे गए कारतूसों का विस्तृत रिकॉर्ड खंगाला गया। एसडीएम और क्षेत्राधिकारी की संयुक्त टीमों ने चंदौली में 4, गाजीपुर में 6 और जौनपुर में 7 शस्त्र दुकानों के दस्तावेजों की गहन जांच की। इस प्रक्रिया में यह सामने आया कि कई दुकानों द्वारा लाइसेंस धारकों को निर्धारित सीमा से अधिक कारतूस बेचे गए। साथ ही कुछ गन हाउस बिना लाइसेंस नवीनीकरण के ही संचालित होते पाए गए, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कुछ गन हाउस संचालकों ने बिना उचित सत्यापन के अप्रमाणित व्यक्तियों को भी कारतूस बेच दिए। यह लापरवाही न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा पैदा करती है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुकदमे दर्ज, कई लोग जांच के घेरे में

चंदौली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शस्त्र लाइसेंस धारकों और चार गन हाउस संचालकों के खिलाफ अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज की है। मुगलसराय स्थित जीएस गन हाउस से जुड़े मामले में शहाबगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मद कल्लू द्वारा कम समय में 12 बोर शस्त्र के लिए 160 कारतूस खरीदने का मामला सामने आया है, जो नियमों के विपरीत है। वहीं बिहार के चैनपुर निवासी मुकुंद रावत द्वारा एक वर्ष में 399 कारतूस खरीदने की पुष्टि हुई है। इन मामलों में आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

मालती गन हाउस मुगलसराय, वीर गन हाउस चंदौली और चंदौली गन हाउस की जांच में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इन पर आरोप है कि उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया और बिना वैध लाइसेंस नवीनीकरण के ही संचालन जारी रखा। इसके अलावा कारतूस बिक्री में भी नियमों की अनदेखी की गई। इन सभी मामलों में संबंधित संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

128 लाइसेंस धारकों पर कार्रवाई की तैयारी

पुलिस जांच में कुल 128 ऐसे शस्त्र लाइसेंस धारकों को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने अनुचित तरीके से कारतूस का उपयोग किया। इनके लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। इसके अलावा, बिना अनुमति परीक्षण फायरिंग करने वाले 25 लाइसेंस धारकों के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

पुलिस अधीक्षक आदित्य लांगे ने स्पष्ट किया कि कारतूस की हेराफेरी अपराध की ओर संकेत करती है और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। डीआईजी वैभव कृष्ण ने भी संबंधित जिलों के अधिकारियों को आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और शस्त्र कारोबार से जुड़े लोगों में सतर्कता बढ़ गई है।

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