
Meerut News: 600 दारोगाओं के साथ ‘धुरंधर-2’ देखेंगे SSP, दो सिनेमा हॉल बुक
Meerut News: मेरठ में पुलिस विभाग की ओर से एक अलग तरह की पहल देखने को मिल रही है। एसएसपी अविनाश पांडे 2023 बैच के करीब 600 दारोगाओं के साथ गुरुवार को फिल्म ‘धुरंधर-2’ देखने सिनेमा हॉल पहुंचेंगे। यह आयोजन न सिर्फ मनोरंजन के लिए है, बल्कि इसके पीछे प्रशिक्षण और प्रेरणा से जुड़ा उद्देश्य भी बताया जा रहा है।
शॉप्रिक्स मॉल के वेव सिनेमा में होगी विशेष स्क्रीनिंग
यह विशेष स्क्रीनिंग दिल्ली रोड स्थित शॉप्रिक्स मॉल के वेव सिनेमा में आयोजित की जाएगी। इसके लिए पहले से ही दो सिनेमा हॉल बुक कराए गए हैं, ताकि सभी दारोगा एक साथ फिल्म देख सकें। सभी पुलिसकर्मी पुलिस लाइन से सरकारी वाहनों के काफिले के साथ निर्धारित समय पर मल्टीप्लेक्स के लिए रवाना होंगे।
इस कार्यक्रम में एसएसपी अविनाश पांडे के साथ एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सभी अधिकारी और दारोगा एक साथ बैठकर फिल्म देखेंगे, जिससे टीम भावना को भी मजबूती मिलेगी।
प्रशिक्षण और मनोबल बढ़ाने की पहल
19 मार्च 2026 को रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर-2’ को दिखाने का मुख्य उद्देश्य नए पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ाना और उन्हें पुलिसिंग के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना है। अधिकारियों का मानना है कि फिल्मों के माध्यम से कई बार जमीनी सच्चाइयों और चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।
पुलिस विभाग का यह भी मानना है कि लगातार ड्यूटी और मानसिक दबाव के बीच इस तरह की गतिविधियां तनाव कम करने में मददगार होती हैं और कर्मचारियों के मनोबल को मजबूत करती हैं।
फिल्म में दिखेगा यूपी कनेक्शन और अपराध जगत की झलक
फिल्म ‘धुरंधर-2’ का उत्तर प्रदेश से खास जुड़ाव बताया जा रहा है। इसमें यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली, अपराध जगत और माफिया नेटवर्क के बीच संबंधों को दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म में एक पूर्व डीजीपी जैसे किरदार को दर्शाया गया है, वहीं प्रयागराज के चर्चित माफिया अतीक अहमद से मिलता-जुलता एक पात्र भी कहानी का हिस्सा है।
इसी वजह से इसे युवा दारोगाओं के लिए उपयोगी माना जा रहा है, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों और अपराध से जुड़े पहलुओं को समझ सकें।
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी दारोगा एक साथ तय समय पर सिनेमा हॉल पहुंचेंगे और पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यह आयोजन अनुशासित और नियंत्रित तरीके से संपन्न होगा, जिससे पुलिस बल के भीतर समन्वय और अनुशासन को भी बढ़ावा मिलेगा।

