Siddharthnagar News: बाँसी–सिद्धार्थनगर में ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली’ पर शैक्षिक सेमिनार सम्पन्न

Siddharthnagar News: बाँसी–सिद्धार्थनगर में ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली’ पर शैक्षिक सेमिनार सम्पन्न

Siddharthnagar News: गुरुवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बाँसी–सिद्धार्थनगर में “भारतीय ज्ञान प्रणाली का महत्व एवं आधुनिक शिक्षा में समावेशन” विषय पर एक विषयक शैक्षिक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल तत्वों को समझते हुए उन्हें वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी ढंग से शामिल करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना रहा।

सेमिनार में शिक्षकों, शिक्षक प्रशिक्षार्थियों एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के विभिन्न आयामों पर गंभीर चर्चा की। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शिक्षा के समन्वय से विद्यार्थियों के समग्र विकास को नई दिशा मिल सकती है।

मुख्य वक्ता ने रेखांकित की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. हंसराज (सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक शिक्षा विभाग, रतनसेन डिग्री कॉलेज, बाँसी) ने भारतीय ज्ञान प्रणाली की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, नैतिक मूल्यों तथा समग्र शिक्षा की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी मार्गदर्शक है। उनके अनुसार यह प्रणाली विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसे पाठ्यक्रम में समुचित स्थान मिलना चाहिए।

आधुनिक शिक्षा में व्यावहारिक समावेशन पर चर्चा

विशिष्ट वक्ता डॉ. अरविंद कुमार मौर्य (असिस्टेंट प्रोफेसर, भूगोल विभाग, रतनसेन डिग्री कॉलेज, बाँसी) ने आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान प्रणाली के व्यावहारिक समावेशन के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया कि स्थानीय ज्ञान, पर्यावरणीय जागरूकता तथा सांस्कृतिक विरासत को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में शामिल कर शिक्षा को अधिक प्रभावी और जीवनोपयोगी बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन और सहभागिता

सेमिनार का संचालन एवं संयोजन अनुराग कुमार श्रीवास्तव (प्रवक्ता) द्वारा किया गया। कार्यक्रम को लालजी कुमार पाण्डेय (पी.ई.एस.) वरिष्ठ प्रवक्ता का मार्गदर्शन तथा अभय कुमार मिश्र (पी.ई.एस.) प्राचार्य का संरक्षण प्राप्त हुआ।

इसके अतिरिक्त एआरपी संगठन के अध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनोज द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन श्रीवास्तव एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ डुमरियागंज के अध्यक्ष राकेश पांडे का विशेष सहयोग रहा।

सेमिनार में एसआरजी अंशुमन सिंह, उत्कर्ष श्रीवास्तव, अनंत दीप, तारिक मुस्तफा सहित समस्त एकेडमिक रिसोर्स पर्सन, शिक्षक, शिक्षक प्रशिक्षार्थी और शिक्षा से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने अपने विचार और सुझाव साझा किए। कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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