
Lucknow News: लखनऊ के विकासनगर में ‘कयामत’ की रात, भीषण आग में दो मासूम जिंदा जले, 250 परिवार बेघर
Lucknow News: राजधानी लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम लगी भीषण आग ने तबाही का ऐसा मंजर पैदा किया, जिसे देखकर हर कोई सन्न रह गया। इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि करीब 250 परिवार बेघर हो गए।
पुलिस के अनुसार, मृत बच्चों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। DCP दीक्षा शर्मा ने बताया कि प्रशासन पीड़ितों की हर संभव मदद में जुटा हुआ है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राख में बदली जिंदगियां, सुबह दिखा भयावह मंजर
गुरुवार सुबह जब हालात कुछ सामान्य हुए तो घटनास्थल पर चारों ओर राख और जले हुए सामान के ढेर नजर आए। कई परिवार अपनी जिंदगीभर की जमा पूंजी को राख में तलाशते दिखे। सुरक्षा कारणों के चलते पुलिस लोगों को मौके से हटा रही है।
जिला प्रशासन ने कुछ प्रभावित परिवारों को रैन बसेरों में ठहराने की व्यवस्था की, लेकिन कई लोग पास के खाली प्लॉट में ही रात बिताने को मजबूर रहे।
पीड़ितों के गंभीर आरोप, जांच की मांग तेज
हादसे के बाद पीड़ित महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इलाके के कुछ ‘कोठीवालों’ ने पहले झोपड़ियां हटाने की धमकी दी थी और चेतावनी दी गई थी कि यदि वे नहीं हटे तो गोली मार दी जाएगी। महिलाओं का आरोप है कि जब उन्होंने जगह नहीं छोड़ी तो उनकी बस्ती में आग लगा दी गई।
हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।
शाम 5:30 बजे भड़की आग, सिलेंडर धमाकों से बढ़ी तबाही
यह आग बुधवार शाम करीब 5:30 बजे लगी और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की चपेट में आकर 250 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। इस दौरान 30 से ज्यादा गैस सिलेंडर फटने से हालात और भयावह हो गए।
धमाकों की आवाज और उठता धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। एहतियात के तौर पर आसपास के 20 मकानों को खाली कराया गया।
पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
दमकल विभाग की करीब 20 गाड़ियों ने लगातार पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान पूरे इलाके की बिजली भी काट दी गई थी।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा, राहत के निर्देश
हादसे की जानकारी मिलते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जिलाधिकारी से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवारों के रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

