
UP News: योगी सरकार का हरित धमाका, 277 करोड़ पौधरोपण के साथ यूपी बनेगा ‘ग्रीन सुपरपावर’
UP News: उत्तर प्रदेश एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रचने की ओर अग्रसर है। ‘हरित प्रदेश’ के विजन के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार ने पौधरोपण को जनआंदोलन का रूप देकर राज्य को नई पहचान दिलाई है। वर्ष 2026 तक प्रदेश में 277 करोड़ से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है, जो इसे देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक उदाहरण बना सकता है।
9 वर्षों में रिकॉर्ड पौधरोपण, पिछली सरकारों से कई गुना अधिक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 242.13 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। यह आंकड़ा 2008 से 2016 के बीच हुए 65.27 करोड़ पौधरोपण की तुलना में कई गुना अधिक है। इस बड़े अंतर ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण को लेकर किस स्तर पर काम किया गया है।
वन विभाग के अनुसार, वर्षाकाल 2026 में भी 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने की तैयारी है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश कुल 277 करोड़ पौधरोपण का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लेगा।
वनाच्छादन में वृद्धि और वैश्विक पहचान
लगातार चल रहे इन प्रयासों का असर प्रदेश के वन क्षेत्र पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट-2023 के अनुसार, उत्तर प्रदेश के वनाच्छादन में 559.19 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।
वर्ष 2025 में 9 जुलाई को एक ही दिन में 37.21 करोड़ पौधे लगाकर प्रदेश ने एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया था। इसके साथ ही 2026 के पौधरोपण महाभियान की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
वाराणसी में बना विश्व रिकॉर्ड, चीन का रिकॉर्ड टूटा
उत्तर प्रदेश ने 01 मार्च को पर्यावरण के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ में मात्र एक घंटे के भीतर 2,51,446 पौधे लगाए गए। इस उपलब्धि ने चीन के आठ साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इससे पहले 10 मार्च 2018 को चीन की हेनान प्रांतीय समिति और हेनान शिफांगे ग्रीनिंग इंजीनियरिंग कंपनी ने 1,53,981 पौधे लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। वाराणसी के 350 बीघा क्षेत्र में विकसित ‘शहरी वन’ ने अब प्रदेश और देश का मान वैश्विक मंच पर बढ़ाया है। इस उपलब्धि के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषिनाथ ने प्रमाणपत्र भी सौंपा।
जन्मदिन पर पौधरोपण, बना जनआंदोलन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन 5 जून को होता है, जो विश्व पर्यावरण दिवस भी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्वयं पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत करते हैं। वर्ष 2017 से लगातार वह इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।
पौधरोपण को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री पहले इसकी समीक्षा बैठकें करते हैं और फिर विभिन्न जनपदों में जाकर खुद पौधे लगाते हैं। इस अभियान में स्कूली बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, कर्मचारियों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा गया है, जिससे यह एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’ और प्रधानमंत्री की सराहना
योगी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को समाज से जोड़ने के लिए अनूठी पहल भी की है। 1 से 7 जुलाई 2025 के बीच जन्मे 18,348 बच्चों को ‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’ प्रदान किया गया। उनके अभिभावकों को पौधे देकर यह संकल्प दिलाया गया कि जैसे वे अपने बच्चे का पालन-पोषण करेंगे, वैसे ही पौधे का भी संरक्षण करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के प्रयासों की सराहना की है।
2026 के लिए व्यापक तैयारी और बजट प्रावधान
वर्षाकाल 2026 के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग ने 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश भर की पौधशालाओं में 52 करोड़ से अधिक पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
हालिया बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये, पौधशाला प्रबंधन योजना के लिए 220 करोड़ रुपये और राज्य प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह दर्शाता है कि सरकार इस अभियान को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है।
‘ग्रीन चौपाल’ के जरिए गांव-गांव तक पहुंच
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए वन विभाग ने ‘ग्रीन चौपाल’ की शुरुआत की है।
अब तक 18,000 से अधिक गांवों में ग्रीन चौपालों का गठन किया जा चुका है। ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित इन चौपालों में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं और हर महीने कम से कम एक बैठक अनिवार्य रूप से की जाती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

