
हिंदू-मुसलमान नहीं देखती होली: गोंडा ASP राधेश्याम राय की दो टूक हिदायत, बयान का वीडियो वायरल
रमजान के पवित्र महीने और होली के त्योहार के एक साथ पड़ने के बीच उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पुलिस प्रशासन ने शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। कर्नलगंज कोतवाली में आयोजित शांति समिति की बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने दोनों समुदायों से मिल-जुलकर त्योहार मनाने का आग्रह किया।
बैठक में दिया गया उनका एक बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
“होली धर्म नहीं देखती”: एएसपी राधेश्याम राय
बैठक के दौरान एएसपी राधेश्याम राय ने कहा कि होली मस्ती और उल्लास का त्योहार है, जो धर्म नहीं देखता। उन्होंने कहा, “होली यह नहीं देखती कि कौन हिंदू है, कौन मुसलमान, ईसाई या सिख। सामने हमारा भाई है और हम उस पर रंग डालेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि रंग डालते समय लोग आमतौर पर ‘बुरा न मानो होली है’ कहकर माहौल को हल्का बनाए रखते हैं। उनके मुताबिक, त्योहार का उद्देश्य आपसी मेल-जोल और खुशी बांटना है, न कि किसी प्रकार का तनाव पैदा करना।
रंगों से परहेज करने वालों के लिए एहतियात की सलाह
हालांकि, एएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों को रंगों से परहेज है या जो होली नहीं खेलना चाहते, वे त्योहार के दिन एहतियातन अपने घरों में ही रहें। उनका कहना था कि होली के दिन कुछ लोग अत्यधिक उत्साह में रहते हैं और उस समय समझाना कठिन हो सकता है, इसलिए सावधानी बरतना बेहतर उपाय है।
उन्होंने जानकारी दी कि होली का मुख्य उत्सव दोपहर 12 बजे तक रहता है और दो बजे तक रंग खेलने की गतिविधियां पूरी तरह बंद हो जाती हैं।
गंगा-जमुनी तहजीब को आगे बढ़ाने की अपील
रमजान के मद्देनजर एएसपी राधेश्याम राय ने मुस्लिम समुदाय से गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि शाम को जब लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं, तो आपसी सौहार्द के प्रतीक के रूप में मुस्लिम भाई हिंदू पड़ोसियों द्वारा लाई गई गुझिया से रोजा खोल सकते हैं।
बैठक में मौजूद मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन की इस अपील का स्वागत किया और आपसी भाईचारे को बनाए रखने का भरोसा दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
करीब एक सप्ताह पहले हुई इस बैठक का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कुछ यूजर्स एएसपी के बयान को व्यावहारिक और शांति बनाए रखने की दिशा में दी गई सलाह बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति भी जताई है। एक सोशल मीडिया यूजर ने टिप्पणी की कि ऐसी बात अन्य धार्मिक अवसरों पर भी याद रखनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस प्रशासन का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराना है। प्रशासन ने दोनों समुदायों से सहयोग की अपील की है ताकि जिले में शांति और भाईचारा कायम रहे।

